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यादों का मौसम

Posted On: 6 Dec, 2012 Others में

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gulmohar

एक कोशिश बताइये तो कैसी है


यादों का मौसम
————————-
यूं ही नहीं आज हमारी आँखें नम है
आज फिर उनकी यादों का मौसम है ॥

उनके साथ गीत के बोल मीठे लगतें हैं मुझे
अगर वो साथ नहीं तो बेकार हर सरगम है ॥

ये ख़लिश ,ये बेकली मेरी बेसबब तो नहीं
में दूर हूँ जिनसे वो ही तो मेरे हमदम है ॥

उन्ही की आँखों की मय,पीकर शराबी हुआ हूँ
पत्थरों पर भी सोया तो लगा कि ये रेशम है ॥

नम आँखों से खुशी या गम ,में क्या अंतर समझूँ
तुम साथ होते तो जानता,क्या खुशी क्या गम है ॥ …. पूनम राणा ‘मनु’

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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Ashish Mishra के द्वारा
December 10, 2012

बेहतरीन रचना http://ashish2012.jagranjunction.com

December 10, 2012

बहुत खूब प्रस्तुति ,,,नम आँखों से खुशी या गम ,में क्या अंतर समझूँ तुम साथ होते तो जानता,क्या खुशी क्या गम है ॥

akraktale के द्वारा
December 10, 2012

उन्ही की आँखों की मय,पीकर शराबी हुआ हूँ पत्थरों पर भी सोया तो लगा कि ये रेशम है सुन्दर रचना मनु जी बधाई स्वीकारें.

minujha के द्वारा
December 8, 2012

लगता है मेरी तरह आप भी मंच से बहुत दिनों से मुखातिब नहीं थी चलिए कोई नहीं,सुंदर रचना के साथ स्वागत

yogi sarswat के द्वारा
December 7, 2012

ये ख़लिश ,ये बेकली मेरी बेसबब तो नहीं में दूर हूँ जिनसे वो ही तो मेरे हमदम है ॥ उन्ही की आँखों की मय,पीकर शराबी हुआ हूँ पत्थरों पर भी सोया तो लगा कि ये रेशम है ॥ बहुत दिनों के बाद आपको पढ़ा , और सच मानिए बहुत सुन्दर अलफ़ाज़ लिखे हैं आपने ! आदरणीय तोशी जी ! शानदार अभिव्यक्ति हेतु बधाई. जादा है सो न जाना अब ले रजाई ये श्री प्रदीप कुशवाहा जी के शब्द हैं , क्या प्रतिक्रिया है उनकी गज़ब की !

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
December 7, 2012

नम आँखों से खुशी या गम ,में क्या अंतर समझूँ तुम साथ होते तो जानता,क्या खुशी क्या गम है ॥ आदरणीया मनु जी , सादर इतने अरसे बाद आयीं ये क्या कम है. शानदार अभिव्यक्ति हेतु बधाई. जादा है सो न जाना अब ले रजाई

    jlsingh के द्वारा
    December 7, 2012

    मनु जी को अनेक बार बधाई! बुजुर्ग सज्जन की हाँ में हाँ मिलाता हूँ!

Madan Mohan saxena के द्वारा
December 7, 2012

बहुत सुंदर भावनायें और शब्द भी …बेह्तरीन अभिव्यक्ति …!!शुभकामनायें. आपका ब्लॉग देखा मैने और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये.

nishamittal के द्वारा
December 7, 2012

बहुत दिनों पश्चात एक सुन्दर रचना के साथ आगमन पर स्वागत आपका.

Malik Parveen के द्वारा
December 7, 2012

मनु जी नमस्कार, यादो का मौसम सदैव ही सुंदर और मधुर होता है …. में को अगर मैं कर दें तो बहुत ही अच्छा रहेगा बाकि हम तो समझ ही गए की आपने मैं ही संबोधन किया है (माफ़ी सहित).. बधाई… युहीं लिखते रहें …

mayankkumar के द्वारा
December 6, 2012

आपका लेख पढ़ कृतज्ञ हुआ ……. कलम का करिष्मा वाकई अद्भुत है …… !! हमारे ब्लाॅग तक भी जावें … !!! सधन्यवाद !!

Amresh Bahadur Singh के द्वारा
December 6, 2012

सुन्दर अतिसुन्दर ….


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