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सामाजिक जरूरत Jagran Junction Forum

Posted On: 8 Jun, 2012 में

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यौन संबंधों की आयु सीमा में वृद्धि – एकतरफा प्रस्ताव या सामाजिक जरूरतJagran Junction Forum

दिल्ली की एक अदालत के न्यायाधीश का मानना है कि सहमति से शारीरिक संबंध स्थापित करने की उम्र को बढ़ा कर अठ्ठारह वर्ष करने जैसा प्रस्ताव अलोकतांत्रिक है। इतना ही नहीं संबंधित जज का यह भी कहना है कि केंद्र सरकार का यह प्रस्ताव भारतीय समाज में व्याप्त पिछड़ेपन को साफ दर्शाता है। इससे पहले भी दिल्ली की एक अदालत ने सेक्स करने की उम्र अठ्ठारह वर्ष बढ़ाए जाने पर चिंता व्यक्त की थी

सबके अपने-अपने मत सबके अपने-अपने विचार वहीं पर मैं भी अपना मत प्रस्तुत करना चाहूंगी, क्यूंकी मेरे पास  दो बेटियाँ हैं उनको ध्यान मे रखकर तथा अपने पास के ग्रामीण परिवेश मे झाँकने पर जो स्थिति वहाँ पर कम उम्र  मे  शादी होकर  ससुराल आई महिलाओं की है, पर गौर करने के बाद जो विचार  मेरे मन मे  उत्पन्न हुये हैं वो आपके सामने हैं ।
हर चीज की एक निर्धारित समय –सीमा होती है । हमने माना कि यदि आजकल के 13-14 साल या उससे भी पहले के बच्चे नेट या आसानी से उपलब्ध सामाग्री द्वारा हर वस्तु हर स्थिति से अनभिज्ञ नहीं रह पाते । पर इसका मतलब यह कदापि नहीं कि अगर किसी बच्चे को गाड़ी चलाना या माउजर चलाना आ जाए तो उसे उसकी योग्यता मानते हुये उसे तय समय-सीमा से पहले ही लाइसेन्स दे दिया जाये ।
निर्धारित समय-सीमा से पहले लड़के –लड़की के साथ-साथ पढ़ने के कारण उत्पन्न आकर्षण मे उठाये गये कोई भी ऐसे अनुचित कदम पर अगर सख्ती से रोक नहीं लगाई जाएगी तो ,उनका ये अनुचित को उचित ठहराया गया कदम एक महामारी की तरह पूरे देश मे फैल जाएगा ।
शादी के बाद या निर्धारित समय –सीमा पर या उसके बाद उठाए गए ऐसे कदम जहां लड़के-लड़कियों की ज़िंदगी को सुखमय बनाने मे सहयोगी है , वहीं एक स्वस्थ समाज का निर्माण भी करते हैं ।
बालिका विवाह जैसी बुराई का अंत अभी भी नहीं हुआ है, जिसके कारण प्रसव-पीड़ा के दौरान होने वाली मौतों मे कोई कमी नज़र नहीं आ रही । खासकर  ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों मे। जिस बुराई के अंत के लिए हम पुरजोर कोशिश कर रहे हैं । क्या इस  इस प्रस्ताव से असहमत लोग इस देश को फिर से उसी दलदल मे नहीं धँसाना चाहते ????
डॉक्टर्स का कहना है कि प्राकृतिक रूप से 18 साल की उम्र तक लड़कियों के शरीर के सभी अंग पूर्ण रूप से विकसित हो पाते हैं,उससे पहले उसका विवाह या उसके साथ यौन संबंध उसे कई मानसिक और शारीरिक रोगों से ग्रसित कर सकता है । साथ ही लड़को की उम्र भी 21 तय करने का भी यही कारण है ।
विवाह तय समय-सीमा पर होने पर जहाँ पति-पत्नी का एक दूसरे की ओर आकर्षण बना रहता है ,वहीं इसकी अति होने से भी उत्पन्न कई बीमारियों से भी बचाता है।
भारत मे कानून सभी मनुष्यों को समान मानते हुये सभी के हित के लिए बनाया जाता है।
यूँ तो आजतक कोई भी कानून बना और वो सफल ही हो गया इसकी कोई गारंटी नहीं होती । आजतक कई कानून बने क्या सभी सफल हुये ???? नहीं !!!!
पर इसका ये मतलब नहीं  कि हमे इस नए बने कानून का स्वागत नहीं करना चाहिए । ये कानून जहाँ समाज को एक स्वस्थ वातावरण प्रदान करने कि कोशिश करता है , वहीं नाबालिग लड़के-लड़कियों को अपनी ज़िंदगी को सही ढंग से जीने कि तरफ कदम बढ़ाने का आग्रह करता है ।
यहाँ बस ध्यान देने योग्य ये बात है कि जब भी कोई नाबालिग-लड़का या लड़की अपनी मर्ज़ी से यौन संबंध बनाए तो सभी परिस्थितियों पर गौर करते हुये सज़ा केवल लड़के को न देकर लड़की के लिए भी हो। ताकि सभी इससे सबक ले सकें … इस कानून का बनना एक सामाजिक जरूरत है … जिसका स्वागत हमे खुले दिल से करना चाहिए …. ये भारत है , इसकी अपनी संस्कृति है , यह न तो कभी पिछड़ा था और न ही है ….. यही संस्कृति हमारे देश को महान बनती है , इस प्रस्ताव से असहमत लोगो को यह समझना चाहिए ।   पूनम’मनु’

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26 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

allrounder के द्वारा
June 16, 2012

नमस्कार मनु जी, एक अच्छे सामाजिक विषय पर वैचारिक आलेख के लिए आपको हार्दिक बधाई !

    मनु (tosi) के द्वारा
    June 18, 2012

    धन्यवाद सचिन जी !!

minujha के द्वारा
June 14, 2012

पूनम जी नमस्कार आपके आलेख पर  विलंब से पहुंचने के लिए क्षमा चाहुंगी,सटीक तथ्यों को उजागर करता आपका आलेख उन  विंदुओ  पर प्रकाश डालता है ,जो इतनी आम है जिसे हर कोई समझ सकता है,पर हमारे उच्च पदासीनों को ये बाते ना दिखती है ना समझ में आती है,बहुत अच्छा लिखा आपने.

    मनु (tosi) के द्वारा
    June 18, 2012

    धन्यवाद मीनू जी !!देर-सबेर तो हर किसी के साथ है ॥ आप चिंता न करें !!! आपकी प्रतिक्रिया अमूल्य है मेरे लिए …. सादर!!

ajay kumar pandey के द्वारा
June 14, 2012

तोशी जी नमन आपके ब्लॉग पर आने का समय कम ही मिल रहा है देर से आने के लिए माफ़ी चाहता हूँ मुझे शादी में जाना है आपका आलेख मुझे बढ़िया लगा कृपया आप मेरी पोस्ट अम्मा जरा देख तो उप्पर जरुर देखिएगा धन्यवाद

    मनु (tosi) के द्वारा
    June 18, 2012

    जरूर अजय जी !!! धन्यवाद

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
June 12, 2012

आदरणीया मनु जी, सादर लेख अच्छा है. पर मुझे इस सम्बन्ध में जानकारी नहीं. कृपया बता दें की उम्र का क्या मामला है. स्टेप वाइस. लोगों से पूछना नहीं पड़ेगा. अपने अग्ज्ञान के सम्बन्ध में खेद है.

    मनु (tosi) के द्वारा
    June 14, 2012

    आदरणीय सर जी , सादर नमस्कार !!! पहले सर जी 16 कि उम्र मे लड़की को बालिग माना जाता था , पर अब बने कानून मे उसकी बालिग उम्र 16 से 18 कर दी गई है ….

anoop pandey के द्वारा
June 12, 2012

पूनम जी नमस्कार………..बन्दूक हमारे घर में थी , जब से हम बहुत छोटे थे तब से… पर चलने का विवेक घर परिवार से मिला……….आज लाइसेंस से अपने नाम भी एक ले ली तो क्या कही भी चला दें? आपका ध्यान एक खबर पर खीचता हूँ, जागरण में पिछले हफ्ते आई थी, सोलह साल की एक बाला का विवाह जज ने पर्सनल ला की वजह से वैध करार दिया……….अब ये क्या है? और वो भी इसी देश में. तब शारीरिक परिपक्वता की बात किसी ने नहीं की. ये दोनों बातें इसलिए की मै आपके लेख के अंतिम पैरा से सहमत हूँ . हमारे संसथान के पास गत एक वर्ष में बलात्कार के ऐसे तीन मामले आये जो की इसलिए बलात्कार की संज्ञा में आ गए क्यों की सम्बन्ध उजागर हो गए थे. जब तक प्रेम सम्बन्ध प्रकाश में नहीं आया तब तक सब ठीक था. और आज की सच्चाई ये है की एक बड़ा प्रतिशत है युवाओं का जो की अठारह की वय के पहले ही सम्बन्ध बना लेते हैं……..उनके संबंधों का सामजिक निषेध ठीक है पर कानूनी गलत है. क्यों की ९० फ़ीसदी मामलों में कानूनी मदत प्रतिशोध के लिए ली जा रही है.

    मनु (tosi) के द्वारा
    June 14, 2012

    आदरणीय अनूप जी , सादर नमस्कार !! उस समय क्या परिस्थिति बनी थी अनूप जी इसका तो न आपको पता न ही मुझे पता … आप भूल रहे हैं अब तक जब भी दूरदर्शन पर या ग्रामीण क्षेत्रों मे किसी आशा या डाक्टरी टीके लगवाने के लिए जब भी सरकारी एडवटाइज़ आता है जनहित मे जारी तब डॉक्टर को यही सलाह देते हुये दिखाया जाता है की , 18 की उम्र से पहले विवाह क्यूँ सही नहीं है … हो सकता है आपकी नजरों से न गुज़रा हो … या तो यह गलत है या ये कानून … पर जो भी है आपकी प्रतिकृया के लिए सच मुच दिल से आभारी हूँ …. धन्यवाद !!

yamunapathak के द्वारा
June 11, 2012

मनुजी ये सजा वगैरह से अछा तो मैं यही समझती हूँ की बच्चों को नैतिकताता और संयम का पथ पढ़ा दिया जाए.कोई शिशु को हम जन्म के साथ ही ठोस आहार नहीं देने लगते आपने सही शब्दों में अपने विचार व्यक्त किये शुक्रिया.

    मनु (tosi) के द्वारा
    June 14, 2012

    aadarniya yamuna ji , sadar !!! aap apne drashtikon se theek kah rahi hain , kai baar sanskari bachche bhi dusre bachchon ke behkaave me aa jaate hain … tab ve apne vivek se kaam nahi lete …. aapki pratikriya ke liye abhari hun …. thanks

yogi sarswat के द्वारा
June 11, 2012

ये भारत है , इसकी अपनी संस्कृति है , यह न तो कभी पिछड़ा था और न ही है ….. यही संस्कृति हमारे देश को महान बनती है , इस प्रस्ताव से असहमत लोगो को यह समझना चाहिए । आपने अपने लेख में बहुत सटीक बातें कहीं हैं , उनका सम्मान होना चाहिए ! बेहतरीन लेख आदरणीय तोशी जी

    मनु (tosi) के द्वारा
    June 14, 2012

    aadarniya yogi ji !!dhanywad … sadar !!!

चन्दन राय के द्वारा
June 10, 2012

मनु जी , मुझे इस कानून की जरुरत नहीं नजर आती , ये सब फिजूल और दकियानुसी सोच का नतीजा है , इससे फायदा होने वाला तो नहीं है ,पर हाँ इस मकडजाल में कितने ही नव प्रेमी युगल पिस जाएंगे , जिन्हें इस उम्र के फेर में प्रताड़ित किया जाएगा , और इस मुद्दे पे बहस करना भी बेमानी है

    मनु (tosi) के द्वारा
    June 14, 2012

    हूँ ………. आपकी प्रतिकृया के लिए धन्यवाद चन्दन जी !! कोई भी कानून सोचविचार के बाद ही लागू किया जाता है । इसकी किसी न किसी को ,कहीं न कहीं जरूरत जरूर होगी !!!

vikramjitsingh के द्वारा
June 9, 2012

पूनम जी…..सादर… आदरणीय जवाहर जी के विचारों से सहमती……

    मनु (tosi) के द्वारा
    June 14, 2012

    धन्यवाद विक्रम जीत जी …!!!

jlsingh के द्वारा
June 9, 2012

यहाँ बस ध्यान देने योग्य ये बात है कि जब भी कोई नाबालिग-लड़का या लड़की अपनी मर्ज़ी से यौन संबंध बनाए तो सभी परिस्थितियों पर गौर करते हुये सज़ा केवल लड़के को न देकर लड़की के लिए भी हो। ताकि सभी इससे सबक ले सकें … इस कानून का बनना एक सामाजिक जरूरत है … जिसका स्वागत हमे खुले दिल से करना चाहिए …. ये भारत है , इसकी अपनी संस्कृति है , यह न तो कभी पिछड़ा था और न ही है ….. यही संस्कृति हमारे देश को महान बनती है , इस प्रस्ताव से असहमत लोगो को यह समझना चाहिए । पूनम जी, आपके विचारों से पूरी तरह से सहमत!

    akraktale के द्वारा
    June 10, 2012

    मनु जी सादर, आदरणीय जवाहर जी भाई की बातों से पूर्ण सहमत हूँ.

    मनु (tosi) के द्वारा
    June 14, 2012

    धन्यवाद जवाहर भाई जी … सादर !!

dineshaastik के द्वारा
June 9, 2012

मनु जी, 15 वर्ष की उम्र में सहमति से शारीरिक संबंध में मुझे लाभ कब हानियाँ अधिक नजर आती हैं। मैं नहीं समझ पा रहा हूँ कि इस निर्णय का आधार क्या है। उद्देश्य भी नहीं समझ पाया। मैं आपकी इस बात से सहमत हूं कि “अगर किसी बच्चे को गाड़ी चलाना या माउजर चलाना आ जाए तो उसे उसकी योग्यता मानते हुये उसे तय समय-सीमा से पहले ही लाइसेन्स दे दिया जाये।”

    nishamittal के द्वारा
    June 9, 2012

    दिनेश जी सहमत हूँ.

    मनु (tosi) के द्वारा
    June 14, 2012

    धन्यवाद आदरणीय दिनेश जी !!!

मनु (tosi) के द्वारा
June 14, 2012

धन्यवाद आदरणीय निशा जी !!!सादर !!!

मनु (tosi) के द्वारा
June 14, 2012

धन्यवाद आदरणीय अशोक जी … सादर !!!


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