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हे! पथिक

Posted On: 7 Mar, 2012 Others,मस्ती मालगाड़ी में

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ये चंद सवाल जिंदगी की राह में गुजरते हर राही से

हे पथिक

———————

हे पथिक !
तुम कैसे चले जा रहे हो
कहाँ से चले थे तुम
कहाँ जा रहे हो ?


हे पथिक !
क्या तुम खुशी से चले थे
ज़िंदगी की राह पर
जिधर तुम बढ़े जा रहे हो


हे पथिक !
तनिक ठहर भी जाओ
चलो ज़िंदगी से बहस करेंगे
ज़िंदगी से बहस किए बिना
क्या?
तुम लिए जा रहे हो


हे पथिक !
पानी से बह जाओ जो कभी
तो निशां पगडंडी से
अवश्य छोडना
कोई चला आएगा पीछे तुम्हारे
जहां तुम अकेले चले जा रहे हो


हे पथिक !
ये जो शूल से तुम्हारे
पाँव में चुभे हैं
ध्यान न धरो
आभूषण है ये
जो ज़िंदगी ने तुम्हें दिये
धीरे-धीरे बढ़े चलो
जिधर जा रहे हो


हे पथिक!
किस पथ के तुम थे राही
तुम औरों के लिए जिये
या सदा अपनी मर्ज़ी चाही
और अब किसके लिए
जिये जा रहे हो


हे पथिक !
तुम कहाँ जा रहे हो ……………… पूनम
राणा ‘मनु’

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31 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Rahul Yadav के द्वारा
March 18, 2012

नमस्कार पूनम जी, बहुत ही सुंदर रचना|

    मनु (tosi) के द्वारा
    March 23, 2012

    धन्यवाद राहुल जी …. साभार

alkargupta1 के द्वारा
March 10, 2012

जीवन- पथ की दुर्गम राहों पर अति उत्तम भावपूर्ण आभिव्यक्ति ! होली की हार्दिक शुभकामनाएं पूनम जी

    मनु (tosi) के द्वारा
    March 12, 2012

    धन्यवाद मेम (अल्का जी )

jlsingh के द्वारा
March 10, 2012

हे पथिक! किस पथ के तुम थे राही तुम औरों के लिए जिये या सदा अपनी मर्ज़ी चाही और अब किसके लिए जिये जा रहे हो मनन करने योग्य!

    मनु (tosi) के द्वारा
    March 12, 2012

    धन्यवाद जवाहर भाई जी … सादर

बनारसी बाबू के द्वारा
March 9, 2012

आदरणीया पूनम जी, जीवन यात्रा के दौरान उठे कई प्रश्नों को आपने बहुत ही सहज ढंग से पेश किया है. सादर.

    मनु (tosi) के द्वारा
    March 12, 2012

    आपका बहुत-बहुत धन्यवाद बनारसी बाबू जी !

Tamanna के द्वारा
March 9, 2012

तोसी जी.. बहुत खूबसूरत रचना… !!! आगे भी ऐसे ही लिखते रहिए..

    मनु (tosi) के द्वारा
    March 12, 2012

    धन्यवाद तमन्ना जी …..

mparveen के द्वारा
March 9, 2012

SUPERB POONAM JI ….. CONGRATES!!!

    मनु (tosi) के द्वारा
    March 12, 2012

    धन्यवाद बहन परवीन जी ….

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
March 9, 2012

( हे पथिक ! ) की पंक्ति- पंक्ति भावों के प्रवाह की कल- कल, छल- छल ध्वनि ध्वनित हो रही है | पूनम जी !बधाई स्वीकारें |

    मनु (tosi) के द्वारा
    March 9, 2012

    बहुत-बहुत धन्यवाद आचार्य विजयजी …

sonam के द्वारा
March 9, 2012

Well done.

    मनु (tosi) के द्वारा
    March 9, 2012

    धन्यवाद !सोनम जी

nishamittal के द्वारा
March 8, 2012

कल भी आपकी विचारपूर्ण रचना पर कमेन्ट करना चाह रही थी आपकी रचना अच्छी लगी पर कुछ प्रोब थी कमेंट्स में बधाई और शुभकामनाएं

    मनु (tosi) के द्वारा
    March 9, 2012

    धन्यवाद मेम !आशा है आपकी होली भी आपके दिल के अनुसार अच्छी रही होगी ….

minujha के द्वारा
March 8, 2012

अच्छी रचना,होली मुबारक हो

    मनु (tosi) के द्वारा
    March 9, 2012

    धन्यवाद ! मीनू जी

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
March 8, 2012

सुन्दर भाव, प्रेरणा देती हुई. परिश्रम आपको महान बनाएगा. शुभ होली

    मनु (tosi) के द्वारा
    March 9, 2012

    बिल्कुल !सर जी, बस आप जैसे शुभचिंतको का साथ व आशीर्वाद मिलता रहे … धन्यवाद

shashibhushan1959 के द्वारा
March 8, 2012

आदरणीय मनु जी, सादर ! जीवन के उद्देश्यों की तलाश ! बहुत खूब ! भाव बहुत सुन्दर ! रचना में और कसाव आवश्यक है ! सधन्यवाद !

    मनु (tosi) के द्वारा
    March 9, 2012

    आदरणीय शशि भूषण जी , नमस्कार ! जी बिल्कुल ये मेरी रचना कम-स-कम 8-9 साल पहले की लिखी हुई है जो मैंने आप लोगो से साझा की … धन्यवाद

dineshaastik के द्वारा
March 8, 2012

भावपूर्ण अभिव्यक्ति के लिये बधाई के साथ साथ होली की शुभकामनायें…..

    मनु (tosi) के द्वारा
    March 9, 2012

    धन्यवाद दिनेश जी

ANAND PRAVIN के द्वारा
March 7, 2012

पूनम जी, नमस्कार हे पथिक ………….बहोत खूब …………क्या कहूँ इस कविता के बारे मन सब कुछ तो आपने ही कह दिया आपकी शैली को मैंने पहले से ही नजदीक से देखा ………काफी जोरदार कविताओं को लिखने की क्षमता आपकी ……………आपको सायद विश्वास ना हो मैं भी दो दिन पहले एक कविता लिख रहा था जिसका शीर्षक मैंने यही रखा था………….किन्तु फिर क्या सूझी की मैंने उसे बदल दिया और उसका नाम रखा “ओ राही” खैर जो भी हो आपको आपकी रचना की ढेरो बधाई…………मैंने आपकी रचना thatsme.in पर भी पढ़ी बहोत उतम ……….लिखते रहें ………….आपको सपरिवार होली की ढेरो शुभकामनाएँ

    March 8, 2012

    सादर नमस्कार! सुन्दर भाव….परन्तु अभिव्यक्ति आप इससे बेहतर कर सकती थी….मुझे इस बात का यकीं है……अच्छी कोशिश.

    मनु (tosi) के द्वारा
    March 9, 2012

    धन्यवाद आनंद जी ! आशा है आपकी होली भी अच्छी रही होगी …

    मनु (tosi) के द्वारा
    March 9, 2012

    धन्यवाद आनंद जी … जरूर आपकी रचना आजकल के भावों से युक्त इससे बेहतर बनी होगी ॥ऐसी आशा

मनु (tosi) के द्वारा
March 9, 2012

जी बिल्कुल कर सकती थी पर जो अखबार में प्रकाशित हो चुकी ! जो लगभग 8-9 साल पहले की कविता है उसे दोबारा तोड़ा-मरोड़ा नहीं जा सकता … बस वही मैंने आप लोगो से साझा की


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